क्यो? सूर्योदय से पहले और फजर नमाज़ के बीच फांसी दी जाती है।

आज कल इसको भी लोग 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से शेयर कर रहे है।

इसका भी उत्तर मैंने निचे लिखा है ।

कोई ज्यादा भ्रमित न हो इस लिए इसका उत्तर देना अनिवार्य हो गया था।

प्रश्न-01
फाँसी का समय
सूरज निकलने के पहले
क्यो किया जाता है ?
किसी और समय में क्यो नही दी जाती है?

प्रश्न-02
वो कौन सी चीज है
जो  आप के पास हो तो
विवाह नही हो सकता है
और न हो तो अन्तिम संस्कार
नही हो सकता है?

प्रश्न-03
अगर किसी लड़की की लाश मिले
तो  कैसे  मालूम  करोगे
कि वह  लडकी किस जाति की है?
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उत्तर-0-1
क्योकि फजर के नमाज़
और सूरज निकलने के बीच
इंसान का दिमाग सबसे ज्यादा शांत होता है
और फांसी के समय
उसके शरीर में ज्यादा तड़पन
और अकड़न नहीं होता
इसलिए सूर्योदय से पहले
और फजर नमाज़ के बीच
फांसी दी जाती है। !!!

उत्तर-02
कफ़न अगर पास हो
तो निकाह नहीं होता
और अगर दूर हो
तो जनाज़ा नहीं होता

उत्तर-03
सबसे पहले उस मृत शरीर को नहला दे
और उसके पानी को
घोड़े के सामने ले जाए
अगर घोडा वह पानी पीता है
तो वो मुस्लिम है
अन्यथा वह गैर मुस्लिम है।!!!

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