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अंहकारी पक्षी का अहंकार का अंत|

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पक्षियों की सभा ही रही थी |
सभा में तय होना था कि उनका राजा कोन बनेगा|
इस मुदे पर कुछ पक्षी लड़ने लगे |
यह देख कर सबसे बुज़ुर्ग पक्षी,
जिसे सभी लोग संत कहते थे ने कहा,
“राजा वाही बन सकता है जिसमें ताकत हो,
सूझभूझ हो और जो अपने समाज को
एकजुट रख सके |
यह सुन सभी पक्षी एक दुसरे को देखने लगे |
उसी समय एक पक्षी ने खड़े होकर कहा,
“में सबसे शक्तिशाली हू इसलिय में राजा बनूगा |
उसकी बगल में पंख फेलाए दुसरे पक्षी ने कहा,
“तुमसे जयादा शक्तिशाली और बुदिमान में हू |
इसलिय राजा बनने का मोका मुझे मिलना चाहिय |
’ जब सर्व्सम्ह्ती से तय नहीं हुआ कि राजा कोन बने
तो संत ने कहा,
‘तुम दोनों लड़ो |
जो जीत जाएगा वही राजा बनेगा |
’दोनों आपस में लड़ने लगे |
पहले वाले पक्षी ने छल कपट से जीत हासिल कर ली |
संत ने उसे विजयी घोषित कर दिया |
सभी विजयी पक्षी के इर्द गिर्द जमा होकर उसका गुणगान करने लगे |
विजयी पक्षी चाहता था
कि उसके राजा बनने की बात आसपास के सभी पक्षीजान ले |
इसलिय इठलाता हुआ पेड़ की डाल पर बेठ गया
और अकड कर उची आवाज में बोला,
‘सब लोग देखो मुझे |
में हू विजयी पक्षी |
में राजा बन गया हू |

’ तभी ऊपर से एक चील ने उस पर झपटा मारा
और उसे अपने पंजे में दबा कर उड़ गया |
पक्षियों की सभा में हडकंप मच गया
और सब आंसू बहाने लगे |

पक्षियों का संत बोला – तुम लोग आंसू क्यों बहारहे हो?
तुम्हे तो खुश होना चाहिए |
’ एक पक्षी ने पूछा, ‘आखिर क्यों?
’ संत ने कहा, तुम लोग ने देखा होगा कि राजा बनने पर उसमें कितना अहंकार आ गया था |
वह अंहकार वश अपना गुणगान खुद कर रहाथा |
एक अंहकारी राजा से हमे इंतनी जल्दी मुक्ति मिल गई |
यह तो हमारे समाज का सोभाग्य है |
अंहकारी राजा कभी भी अपने समाज को सुरक्षा नहीं दे सकता |

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©® MD Mazhar Nesar

story of singar जूलियो

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जब जूलियो 10 साल का था
तो उसका बस एक ही सपना था ,
अपने फेवरेट क्लब रियल मेड्रिड की ओर से फुटबाल खेलना !
वह दिन भर खेलता,
प्रैक्टिस करता
और धीरे-धीरे वह एक बहुत अच्छा गोलकीपर बन गया.
20 years का होते-होते उसके बचपन का सपना हकीकत बनने के करीब पहुँच गया;
उसे रियल मेड्रिड की तरफ से फुटबाल खेलने के लिए साइन कर लिया गया.
खेल के धुरंधर जूलियो से बहुत प्रभावित थे
और ये मान कर चल रहे थे
कि बहुत जल्द वह स्पेन का नंबर 1 गोलकीपर बन जायेगा.

1963 की एक शाम ,
जूलियो और उसके दोस्त कार से कहीं घूमने निकले.
पर दुर्भाग्यवश उस कार    का एक भयानक एक्सीडेंट हो गया ,
और रियल मेड्रिड और स्पेन का नंबर 1
गोलकीपर बनने वाला जूलियो हॉस्पिटल में पड़ा हुआ था ,
उसके कमर के नीचे का हिस्सा पैरलाइज हो चुका था.
डॉक्टर्स इस बात को लेकर भी आस्वस्थ नहीं थे कि जूलियो फिर कभी चल पायेगा,
फ़ुटबाल खेलना तो दूर की बात थी.
वापस ठीक होना बहुत लम्बा और दर्दनाक अनुभव था.
जूलियो बिलकुल निराश हो चुका था ,
वह बार-बार उस घटना को याद करता और क्रोध और मायूसी से भर जाता.
अपना दर्द कम करने के लिए वह रात में गाने और कविताएँ लिखने लगा.
धीरे- धीरे उसने गिटार पर भी अपना हाथ आजमाना शुरू किया
और उसे बजाते हुए अपने लिखे गाने भीगाने लगा.

18 महीने तक बिस्तर पर रहने के बाद ,
जूलियो अपनी ज़िन्दगी को फिर से सामान्य बनाने लगा.
एक्सीडेंट के पांच साल बाद उसने एक सिंगिंग कम्पटीशन में भाग लिया
और ” लाइफ गोज ओन द सेम ” गाना गा कर
फर्स्ट प्राइज जीता.
वह फिर कभी फ़ुटबाल नहीं खेल पाया
पर अपने हाथों में गिटार और होंठों पे गाने लिए जूलियो इग्लेसियस संगीत की दुनिया में
Top Ten सिंगर्स में शुमार हुआ ,
और अब तक उनके
30 करोड़ से अधिक एल्बम बिक चुके हैं.

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